Man In Space Essays In Hindi

दोस्तों हर साल दुनिया भर के लोग 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस – World Environment Day के रूप में मनाते हैं। हमने कभी जाना हैं की इस दिवस को हम क्यों मनाते हैं। इस दिन का जश्न मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों के बीच जागरूकता पैदा करना है ताकि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सकारात्मक कदम उठा सकें। बच्चों के स्कूल के निबंध लेखन प्रतियोगिता में मदद करने के लिए पर्यावरण पर निबंध – Environment Essay हम लाये हैं। ताकि आपके बच्चे को प्रतियोगिता में आसानी हो सकें।

पर्यावरण पर निबंध – Environment Essay

एक शांतिपूर्ण और स्वस्थ जीवन जीने के लिए एक स्वच्छ वातावरण बहुत जरूरी है लेकिन हमारे पर्यावरण मनुष्यों की कुछ लापरवाही के कारण दिन में गंदे हो रहा है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे सभी को विशेष रूप से हमारे बच्चों के बारे में पता होना चाहिए।

“पर्यावरण की रक्षा, दुनियाँ की सुरक्षा!”

माना जाता है कि हमारी धरती ही ब्रह्मांड में एकमात्र ऐसा ग्रह है जिसमें जीवन अस्तित्व के लिए आवश्यक वातावरण है। पृथ्वी पर जीवन को संभव बनाने वाली सभी प्राकृतिक चीजें जैसे पानी, हवा, धूप, भूमि, अग्नि, जंगल, जानवर, पौधे शामिल हैं।

पर्यावरण के बिना हम यहाँ जीवन का कल्पना भी नहीं कर सकते हैं इसलिए हमें अपने पर्यावरण को सुरक्षित और स्वच्छ रखना चाहिए। यह दुनिया के हर व्यक्ति की ज़िम्मेदारी है। हर किसी को आगे आकर पर्यावरण सुरक्षा के लिए अभियान में शामिल होना चाहिए।

मनुष्य धरती पर प्रकृति द्वारा बनाए गए सबसे बुद्धिमान प्राणी के रूप में माना जाता है, इसलिए उसे ब्रह्मांड में उन चीजों को जानने की बहुत उत्सुकता है जो उसे तकनीकी उन्नति की तरफ़ ले जाए।

हर किसी के जीवन में इस तरह की तकनीकी प्रगति ने धरती पर जीवन को दिन-दिन खतरे में डाल दिया और हमारा पर्यावरण धीरे-धीरे नष्ट हो रहा है। यहां तक कि यह मनुष्य, पशु, पौधों और अन्य जीवित चीजों के स्वास्थ्य खराब असर होना शुरू हो गया है। जैसे हानिकारक रसायनों का उपयोग करके कृत्रिम रूप से खेती करके हम जो दैनिक अनाज खाने खाते हैं। औद्योगिक कंपनियों के धुएं से रोज प्राकृतिक हवा को प्रदूषित किया जाता है जो हमारे स्वास्थ्य को काफी हद तक नुकसानदायक है क्योंकि हम इसे हर पल में सांस लेते हैं।

ऐसे व्यस्त, भीड़ भरे और उन्नत जीवन में हमें इस प्रकार की छोटी बुरी आदतों पर हररोज ध्यान रखना चाहिए। हमें प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग केवल हमारी स्वार्थ के लिए गलत तरीके से नहीं करना चाहिए और हमारी विनाशकारी इच्छाओं को पूरा नहीं करना चाहिए। हमें अपने जीवन की उन्नति के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकियों को विकसित करना और विकसित करना चाहिए, लेकिन हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में हमारे पर्यावरण को वैसे भी बर्बाद नहीं करेगा।

दोस्तों, एक बात हमेशा याद रखे की जबतक हम खुद पर्यावरण प्रदुषण की रोकथाम के लिये कोई कदम नही उठाते तबतक हम इस समस्या को दूर नही कर सकते.

Read More:

I hope these “EnvironmentEssay in Hindi” will like you. If you like these “Environment Essay in Hindi” then please like our Facebook page & share on Whatsapp. and for latest update download: Gyani Pandit free Android App.

Gyani Pandit

GyaniPandit.com Best Hindi Website For Motivational And Educational Article... Here You Can Find Hindi Quotes, Suvichar, Biography, History, Inspiring Entrepreneurs Stories, Hindi Speech, Personality Development Article And More Useful Content In Hindi.

अंतरिक्ष में प्रथम भारतीय पर निबंध | Essay on First Indian in Space in Hindi!

वर्तमान युग अंतरिक्ष और कम्प्यूटर का युग है। लेकिन अंतरिक्ष क्या है ? हम किसे अंतरिक्ष कह कर पुकारते हैं ? वस्तुत: यह सारा आकाश और इसका असीम, अबाध विस्तार ही अंतरिक्ष है ।

न इसका कहीं आरंभ है और न अंत । यह एक ऐसा विशाल शून्य है जिसका निरंतर विस्तार हो रहा है । सभी चीजों- आकाश गंगाओं, ग्रहों, नक्षत्रों, धूमकेतुओं, ब्लैक हाल्स आदि का इस में समावेश है । कुछ भी इससे बाहर नहीं है । हमारी पृथ्वी, सूर्य, चन्द्र आदि जो भी हैं और जिनकी हम कल्पना कर सकते हैं, वे सभी इसी में हैं ।

यह एक बड़ा विशाल रहस्यमय और अलौकिक ब्रह्मांड है । मानव प्रारंभ से ही अंतरिक्ष में यात्रा करने का स्वप्न देखता रहा है । आकाश-यात्रा की काल्पनिक कहानियां और कथाएं हमारे साहित्य में प्रारंभ से ही रही हैं । रॉकेट का आविष्कार अंतरिक्ष-यात्रा की ओर पहला महत्वपूर्ण कदम था । इनकी सहायता से कृत्रिम उपग्रह छोड़ने का क्रम प्रारंभ हुआ । रूस ने पहले स्युतनिक आकाश में छोड़े । उसने सर्वप्रथम लायका नामक एक कुतिया को रॉकेट के माध्यम से अंतरिक्ष में भेजा ।

फिर युरी गगारिन सबसे पहले अंतरिक्ष में गये । इसके पश्चात् तो अनेक अंतरिक्ष-यान सफलतापूर्वक छोड़े गये । पहले यान मानवरहित थे । परन्तु फिर मानव सहित अंतरिक्ष यान छोड़े गये । चंद्रमा पर मानव की विजय एक बहुत बड़ी उपलब्धि थी जिसका श्रेय अमेरिका को जाता है । उसके दो एस्ट्रॉनॉट्‌स सबसे पहले चन्द्रमा की धरती पर उतरे ।

चन्द्रमा से आगे अन्य आकाशीय ग्रहों जैसे बृहस्पति शनि शुक्र मंगल आदि पर मानव को उतारने के भागीरथ प्रयत्न चल रहे हैं । इस संबंध में कई मानवरहित अंतरिक्ष यान रूस और अमेरिका ने अब तक आकाश में भेजें हैं । उनके बहुत अच्छे और सफल परिणाम निकले हैं । मानवं की ज्ञान-पिपासा का कोई अंत नहीं । जैसे-जैसे उसका अंतरिक्ष-ज्ञान आगे बढ़ता है, उसकी जिज्ञासा और भी बढ़ती जाती है ।

भारत भी अंतरिक्ष अनुसंधान और अन्वेषण में लगा हुआ है । लेकिन रूस और अमेरिका की तुलना में अभी बहुत पीछे हैं । 3 अप्रैल, 1984 के ऐतिहासिक दिन भारत का पहला व्यक्ति अंतरिक्ष में गया था । वह व्यक्ति राकेश शर्मा थे । यह रूस और भारत के बीच एक लम्बे सहयोग का परिणाम था ।

इसके साथ ही अंतरिक्ष अन्वेषण में एक नये अध्याय का आरंभ हुआ राकेश शर्मा को अंतरिक्ष में जाने का यह सौभाग्य अंतरिक्ष यान 80 सूयोज टी-II के द्वारा संभव हुआ । यह यान रूस के अंतरिक्ष स्टेशन बैकोनोर से छोड़ा गया था । राकेश शर्मा के साथ दो रूसी कॉस्मोनॉट्‌स भी थे ।

इस अंतरिक्ष यात्रा के दौरान राकेश शर्मा ने कई महत्वपूर्ण प्रयोग किये । उन्होंने अपने यान से पृथ्वी, सूर्य, चन्द्रमा और दूसरे ग्रहों के दुर्लभ चित्र भी लिए । उस समय भारत की प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी ने 5 अप्रैल, 1984 को राकेश शर्मा से थोड़ी बातचीत की, जब वे अंतरिक्ष में थे ।

जब शर्मा से प्रधानमंत्री जी ने पूछा कि भारत अंतरिक्ष से कैसा दिखाई दे रहा है, तो उन्होंने तुरंत उत्तर दिया था, ”सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा ।” 11 अप्रैल, 1984 को यह यान सफलता पूर्वक पृथ्वी पर उतर आया । उस समय राकेश शर्मा भारतीय वायुसेना में स्क्वेड्रन लीडर थे । उनका चुनाव कड़ी प्रतिस्पर्धा के पश्चात् 200 व्यक्तियों में से किया गया था ।

पहले उनको भारत में ही गहरा अंतरिक्ष-प्रशिक्षण दिया गया, फिर रूस में 15 महीनों तक उन्हें इस बारे में ट्रेनिंग दी गई । भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक कल्पना चावला पहली ऐसी महिला हैं जिन्हें अंतरिक्ष में जाने का सुअवसर मिला ।

0 Replies to “Man In Space Essays In Hindi”

Lascia un Commento

L'indirizzo email non verrà pubblicato. I campi obbligatori sono contrassegnati *